samay ka bhar
तुम्हें ढोना है समय का भार,थोड़ी सी चाल तेज करो, थोड़ी ,थोड़ी सी, थोड़ी सी मेरे यार , थोड़ी सी चाल तेज करो माँगने से रौशनी मिलेगी ना कभी, रौशनी के वास्ते मशाल लाईये, जिंदगी को जिन्दगी बनाने के लिए जिंदादिल इरादों में उछाल लाईये मुर्दा है व्यवस्था तो बदल दीजिये,धीमे-धीमे रक्त में उफान लाईये सूरज तिजोरियों में बंद है अगर, तोड़िये तिजोरियाँ निकाल लाईये पूरी पीढ़ी होगी इसकी जिम्मेदार,थोड़ी सी चाल तेज करो. तुम्हें ढोना है समय का भार,थोड़ी सी चाल तेज करो, थोड़ी ,थोड़ी सी, थोड़ी सी मेरे यार , थोड़ी सी चाल तेज करो